सेना के नेतृत्व में युद्धस्तर पर शुरू हुआ बेली ब्रिज का निर्माण, BRO बना रही 25 टन क्षमता वाला ‘डबल लेयर’ पुल
संवाददाता शुभम कुमार भागलपुर/बिहार
भागलपुर विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने और उसका स्लैब गिर जाने के बाद पैदा हुए गंभीर संकट को देखते हुए प्रशासन और भारतीय सेना ने यातायात बहाली के लिए बेहद ठोस कदम उठाया है पुल पर आवागमन को जल्द से जल्द सुचारू करने के उद्देश्य से एक अस्थायी बेली ब्रिज के निर्माण कार्य का विधिवत आगाज़ कर दिया गया है इस बेहद महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत पूरे धार्मिक, पारंपरिक रीति-रिवाज और भव्यता के साथ की गई
निर्माण कार्य प्रारंभ होने से पहले परियोजना स्थल पर एक विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। विद्वान पंडितों द्वारा किए गए वैदिक मंत्रोच्चार, मंगलाचरण और शंखनाद से पूरा वातावरण गूंज उठा। इस दौरान अनुष्ठान कर निर्माण कार्य की निर्विघ्न सफलता और जनसुरक्षा की मंगल कामना की गई इस मौके पर उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों, सेना के इंजीनियरों और श्रमिकों ने भी पूजा में हिस्सा लिया तथा कार्य को पूरी सुरक्षा एवं शीघ्रता के साथ संपन्न करने का संकल्प दोहराया इस महा-अभियान की कमान पूरी तरह से भारतीय सेना और बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने संभाल ली है। सेना के अधिकारियों ने बताया कि इस बेली ब्रिज को अत्यधिक मजबूत और आधुनिक तकनीक से बनाया जा रहा है। यहाँ BRO की विशेषज्ञ टीम ‘डबल लेयर’ (Double Layer) बेली ब्रिज का निर्माण कर रही है, जिसकी भार वहन क्षमता लगभग 25 टन होगी। इतनी क्षमता होने से हल्के और मध्यम वाहनों का परिचालन बेहद सुरक्षित तरीके से हो सकेगा ग्राउंड जीरो पर सेना के उच्च अधिकारियों के कुशल नेतृत्व में BRO के जांबाज जवान और इंजीनियर दिन-रात, चौबीसों घंटे शिफ्टों में काम कर रहे हैं। पुल निर्माण के लिए जरूरी भारी मशीनें, कल-पुर्जे और अन्य आवश्यक सामग्रियां पहले ही मौके पर पहुंचाई जा चुकी हैं। अधिकारियों का दावा है कि यदि मौसम अनुकूल रहा और काम की रफ्तार यही रही, तो अगले 15 से 20 दिनों के भीतर इस मार्ग पर वाहनों का परिचालन दोबारा शुरू करा दिया जाएगा मालूम हो कि विक्रमशिला पुल के अचानक क्षतिग्रस्त होने से भागलपुर और नवगछिया सहित आसपास के कई जिलों की रफ्तार थम सी गई थी। इस लाइफलाइन के बंद होने से छात्रों, गंभीर मरीजों, व्यापारियों और दैनिक यात्रियों को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में सेना और BRO की टीम को मोर्चे पर डटा देख और काम की गति को भांपकर शहरवासियों में एक बड़ी उम्मीद जगी है कि अब विक्रमशिला सेतु पर जल्द ही बेली ब्रिज बनकर तैयार हो जाएगा और क्षेत्र में जनजीवन फिर से सामान्य हो सकेगा।
बाइट — डॉ0 सनातन, सर्जन, भागलपुर।
बाइट — डॉ0 एस के जोशी, क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट।
बाइट — डॉ0 शशिकर, रेडियोलॉजिस्ट, भागलपुर।
