सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 300 से अधिक जीविका स्वयं सहायता समूहों को 7 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 300 से अधिक जीविका स्वयं सहायता समूहों को 7 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया

किशनगंज, 04 जून।
बिहार ब्यूरो – नजमुल हसनैन उर्फ जकी

जीविका की जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) अनुराधा चंद्रा ने कहा कि पूंजी की उपलब्धता से जीविका दीदियों को स्वरोजगार शुरू करने में काफी सहूलियत हो रही है। अब उन्हें अधिक ब्याज दर पर महाजनों से ऋण लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती। ग्रामीण महिलाओं में रोजगार एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए जीविका के माध्यम से बैंक लिंकेज के तहत कम ब्याज दर पर सुलभ ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।

उन्होंने बताया कि मेगा क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को बैंक लिंकेज के जरिए ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस अवसर पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक नीरज ज्योतिर्मय ने कहा कि जीविका और बैंक के बीच निरंतर संवाद बना रहना चाहिए। आसान बैंक ऋण की उपलब्धता से जीविका दीदियों को स्वरोजगार के नए अवसर विकसित करने में मदद मिलेगी।

इसी क्रम में बहादुरगंज में आयोजित मेगा क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम में 300 से अधिक जीविका स्वयं सहायता समूहों को कुल 7 करोड़ रुपये का ऋण प्रदान किया गया। यह ऋण सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की महादेव दिघी, नटवा पाड़ा, कटहलबाड़ी, दिघलबैंक, डुमरिया एवं चनामना शाखाओं के माध्यम से उपलब्ध कराया गया।

कार्यक्रम में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के डीआरएम अभिजीत सिन्हा, अधिकारी प्रज्ज्वल कुमार, बीपीएम वरुण कुमार जायसवाल, अमरेश अंशुमान, मुकुल कुमार, अंसार अहमद, रविंदर, राजेश, विभिन्न शाखाओं के बैंक मित्र, जीविका दीदियाँ एवं कैडर उपस्थित रहे।

इस अवसर पर स्वयं सहायता समूहों के बैंक लिंकेज में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए जीविका कैडर केम्पी सिन्हा, नंदिता, लक्ष्मी, नसीहत और तरन्नुम को सम्मानित किया गया।

जीविका के माध्यम से परिक्रामी निधि, सामुदायिक निवेश निधि तथा बैंक लिंकेज के जरिए स्वयं सहायता समूहों को ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। जीविका दीदियाँ अपनी आवश्यकता के अनुसार इस राशि का उपयोग स्वरोजगार शुरू करने या अपने व्यवसाय का विस्तार करने में कर रही हैं।

किशनगंज जिले में लगभग 24 हजार स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 3 लाख से अधिक जीविका दीदियाँ सुलभ ऋण सुविधा का लाभ उठाकर अपने पसंदीदा स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।

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