किशनगंज जिला पदाधिकारी, नवीन कुमार की अध्यक्षता में उद्योग विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी एवं स्वरोजगार योजनाओं की एक उच्चस्तरीय समीक्षात्मक बैठक संपन्न हुई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में औद्योगिक गतिविधियों को गति देना, सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा देना तथा युवाओं को उद्यमशीलता व स्टार्टअप से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना रहा।
निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि किशनगंज जिले में पाइनएप्पल प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्लानिंग तैयार किया जाए ।
जिलाधिकारी महोदय ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट का बिंदुवार अवलोकन किया और बैंकों में लंबित ऋण आवेदनों को समयबद्ध तरीके से निष्पादित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के इच्छुक व पात्र उद्यमियों, पारंपरिक कारीगरों तथा नवाचारी सोच वाले युवाओं को सरकारी योजनाओं का वित्तीय लाभ पारदर्शी व सुलभ तरीके से मिलना सुनिश्चित किया जाए।
योजनाओं के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता और मुख्य बिंदु:
• बिहार स्टार्टअप नीति: नवाचार और नए व्यावसायिक विचारों को बढ़ावा देने के लिए चयनित स्टार्टअप्स को बिना ब्याज के ₹25 लाख तक का सीड फंड (दो चरणों: ₹15 लाख व ₹10 लाख) उपलब्ध कराया जाता है।
• प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP): नए उद्योग स्थापित करने हेतु विनिर्माण क्षेत्र में ₹50 लाख और सेवा क्षेत्र में ₹20 लाख तक का बैंक ऋण, जिसमें 15% से 35% तक का सरकारी अनुदान (सब्सिडी) देय है।
• पीएम सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME): स्थानीय खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के उन्नयन एवं नई इकाइयों की स्थापना के लिए परियोजना लागत का 35% (अधिकतम ₹10 लाख) क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी के रूप में प्रदान किया जाता है।
• पीएम विश्वकर्मा योजना: पारंपरिक 18 व्यवसायों से जुड़े शिल्पकारों व कारीगरों को कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक टूलकिट प्रोत्साहन और मात्र 5% रियायती ब्याज दर पर ₹3 लाख तक का कोलैटरल-मुक्त ऋण (प्रथम चरण में ₹1 लाख व द्वितीय चरण में ₹2 लाख) दिया जाता है।
बैठक में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सचिन कुमार ने जिले में चल रही विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और लक्ष्य प्राप्ति का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर परियोजना प्रबंधक धनंजय कुमार, स्टार्टअप सेल के जिला समन्वयक मो. माहिन रज़ा, उद्योग विस्तार पदाधिकारी सुजीत कुमार कामत, गोविंद कुमार झा तथा सभी जिला संसाधन सेवी (DRP) मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
