भागलपुर में नशे के सौदागरों पर पुलिस का शिकंजा! 52 ग्राम स्मैक और 8 ग्राम गांजा के साथ आरोपी गिरफ्तार, युवाओं को नशे के जाल में फंसाने वालों की अब खैर नहीं
रिपोर्ट संजीव कुमार शर्मा भागलपुर बिहार
भागलपुर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और मादक पदार्थों की अवैध खरीद-बिक्री पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत लोदीपुर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 52 ग्राम स्मैक और 8 ग्राम गांजा के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के बीच हड़कंप मचने की संभावना है।पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, वरीय पुलिस अधीक्षक, भागलपुर के निर्देश पर जिले में ‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भागलपुर’ नाम से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना और अवैध शराब तथा मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री पर प्रभावी रोक लगाना है। इसके तहत हॉटस्पॉट चिह्नित कर छापेमारी और निगरानी की जा रही है।इसी क्रम में 3अक्टूबर 2026 को लोदीपुर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि सन्हौला क्षेत्र से संबंधित नहीं, बल्कि लोदीपुर थाना क्षेत्र के सन्होला नहीं, सैदपुर-बिशनपुर जिच्छो गांव में सिंटू कुमार मंडल, पिता स्वर्गीय परमेश्वर मंडल, कथित रूप से अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री कर रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले का सत्यापन किया और आवश्यक कार्रवाई के लिए विशेष टीम का गठन किया।वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर, भागलपुर की निगरानी में संबंधित पुलिस पदाधिकारियों और लोदीपुर थाना अध्यक्ष के नेतृत्व में टीम गांव पहुंची। पुलिस के अनुसार, टीम को देखते ही एक व्यक्ति भागने लगा। इसके बाद सशस्त्र बलों के सहयोग से उसे खदेड़कर पकड़ लिया गया।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान सिंटू कुमार मंडल, पिता स्वर्गीय परमेश्वर मंडल, निवासी सैदपुर-बिशनपुर जिच्छो, थाना लोदीपुर, जिला भागलपुर के रूप में की गई है। पुलिस ने उसके पास से 52 ग्राम स्मैक और 8 ग्राम गांजा बरामद किया है।पुलिस के मुताबिक, आरोपी से आवश्यक पूछताछ की जा रही है। मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की इस कार्रवाई से साफ संदेश है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। हालांकि, बरामदगी के आधार पर ही किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता; मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय करेगा
