डेस्क बिहार भागलपुर 10-10-2026
रिपोर्ट संजीव कुमार शर्मा भागलपुर बिहार
राघोपुर में 150 मीटर तक महाकटाव, बजरंगबली मंदिर समेत 5 घर नदी में समाए; रात के अंधेरे में जान बचाकर भागे लोग
भागलपुर नवगछिया: बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत खरीक प्रखंड के राघोपुर में गंगा का कटाव अब खौफनाक रूप ले चुका है गंगा की तेज धारा ने ऐसा कहर बरपाया कि बाबा बजरंगबली मंदिर समेत पांच घर नदी में समा गए। करीब 150 मीटर के दायरे में रेलवे टैरिंग बांध पर भीषण कटाव होने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। हालात ऐसे बन गए कि लोग रात के अंधेरे में अपना घर छोड़कर परिवार और सामान बचाने के लिए भागते नजर आए रात में अचानक तेज हुआ कटाव, मची चीख-पुकार* स्थानीय जानकारी के अनुसार,राघोपुर-काजीकौरैया तटबंध के पास गंगा का कटाव अचानक तेज हो गया। देखते ही देखते नदी किनारे की जमीन धंसने लगी। रात करीब साढ़े दस बजे तक बाबा बजरंगबली मंदिर और पूर्व जिला परिषद सदस्य प्रेमलता देवी के घर समेत पांच घर गंगा में समा गए। वर्षों की मेहनत से बनाए गए आशियानों को अपनी आंखों के सामने नदी में समाते देख ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया लोग घरों से जरूरी सामान निकालने और अपने परिवार के सदस्यों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुट गए। रात के अंधेरे में हर किसी को अपने परिवार और बचे हुए आशियाने की चिंता सता रही थी रेलवे बांध पर मंडराया बड़ा खतरा गंगा का कटाव अब रेलवे टैरिंग बांध के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन गया है। करीब 150 मीटर के हिस्से में कटाव होने से आसपास के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि कटाव पर जल्द नियंत्रण नहीं पाया गया, तो पुरानी रेलवे लाइन के बड़े हिस्से को नुकसान पहुंच सकता है। इससे आसपास के गांवों की सुरक्षा और आवागमन पर भी संकट गहरा सकता है।
*सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे नवगछिया एसपी
कटाव की सूचना मिलते ही नवगछिया एसपी वैभव शर्मा अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मौके पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की कवायद होती नजर आई। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया। वहीं, ग्रामीणों की निगाहें अब कटाव रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हैं। गंगा किनारे बसे गांवों में दहशत राघोपुर में लगातार हो रहे कटाव ने एक बार फिर गंगा किनारे बसे गांवों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों को डर है कि यदि कटाव इसी तरह जारी रहा, तो और घरों तथा जमीन को नुकसान हो सकता है
