स्वाद और संस्कृति का अनूठा संगम : बीएयू में शुरू हुआ राष्ट्रीय आम समागम

स्वाद और संस्कृति का अनूठा संगम : बीएयू में शुरू हुआ राष्ट्रीय आम समागम

रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/बिहार।

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर परिसर में दो दिवसीय राष्ट्रीय आम समागम-सह-कार्यशाला का आज भव्य शुभारंभ हुआ। देशभर से आम की एक हजार से अधिक किस्मों की प्रदर्शनी लगाई गई है। राज्यभर से आए आम प्रेमियों एवं आम उत्पादक किसानों की उपस्थिति से सबौर का ऐतिहासिक परिसर पूरी तरह आममय हो गया है। परिसर को आम के आकर्षक कटआउट एवं विभिन्न कलात्मक डिजाइनों से सजाया गया है। बहुउद्देशीय कक्ष में देशभर से लाए गए विभिन्न किस्मों के आमों की प्रदर्शनी एवं विक्रय काउंटर भी लगाए गए हैं।
कर्पूरी सभागार में कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय कुलपति द्वारा अतिथियों का अंगवस्त्र, जर्दालू आम के पौधे एवं फल भेंटकर स्वागत करने के साथ हुआ। इस द्विदिवसीय कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माननीय मंत्री श्री श्रवण कुमार उपस्थित रहे। अन्य विशिष्ट अतिथियों में भागलपुर के सांसद श्री अजय मंडल, विधायक श्री रोहित पांडे, आईसीएआर के सहायक निदेशक (उद्यानिकी) डॉ. विश्वबंधु पटेल तथा एआईसीआरपी, बेंगलुरु के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. प्रकाश पाटिल सहित अनेक गणमान्य अतिथि शामिल हुए।
इस अवसर पर माननीय मंत्री श्री श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय जिस प्रकार कार्य कर रहा है, उससे वह दिन दूर नहीं जब बिहार कृषि के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाएगा।
भागलपुर के सांसद श्री अजय मंडल ने कहा कि भागलपुर पहले सिल्क सिटी के नाम से प्रसिद्ध था, लेकिन अब बिहार कृषि विश्वविद्यालय के प्रयासों से यह जर्दालू सिटी के रूप में भी पहचान बना रहा है।
विधायक श्री रोहित पांडे ने कहा कि भागलपुर के लिए यह गर्व का विषय है कि यहां राष्ट्रीय आम समागम का आयोजन हो रहा है।
आईसीएआर के सहायक निदेशक (उद्यानिकी) डॉ. विश्वबंधु पटेल ने कहा कि इस आम समागम में देशभर के किसानों द्वारा लगाई गई आमों की प्रदर्शनी अद्वितीय और बेमिसाल है।
_बिहार कृषि विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने कहा कि सबौर की धरती आम अनुसंधान एवं विकास के लिए ऐतिहासिक रही है। विश्व की पहली संकर (हाइब्रिड) आम की किस्म वर्ष 1951 में पहली बार सबौर से विकसित हुई थी। आगे चलकर बिहार कृषि विश्वविद्यालय के प्रयासों से जर्दालू आम को जीआई टैग प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि आज बिहार आम उत्पादन में सातवें स्थान से आगे बढ़कर तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है तथा आने वाले समय में बिहार जीआई उत्पादों का प्रमुख केंद्र बनेगा।_

*श्रेष्ठ आम उत्पादकों को मिला सम्मान*

देश के आठ राज्यों से आए आम उत्पादकों में से चार श्रेष्ठ आम उत्पादकों को सम्मानित किया गया
श्री राजेन्द्र कुमार यादव — बिहार (सुपौल)
श्रीमती अनीता दासी — झारखंड
श्री विमान मंडल — पश्चिम बंगाल
श्री सत्यनारायण चुंदरू — ओडिशा
केवीके सबौर को मिला सम्मान
कृषि विज्ञान केंद्र, सबौर को उत्कृष्ट प्रदर्शनी के लिए सम्मानित किया गया।

*अजब-गजब के आम*
विश्वविद्यालय में जहां राष्ट्रीय आम समागम एवं आम उत्पादन विषय पर कार्यशाला आयोजित की जा रही है, वहीं बहुउद्देशीय कक्ष में लगी आम विविधता प्रदर्शनी में देशभर से लाई गई एक हजार से अधिक किस्मों के दुर्लभ एवं अनूठे आमों को देखकर दर्शक दांतों तले उंगली दबा रहे हैं। कोई ढाई किलोग्राम वजन वाले आम को देखकर आश्चर्यचकित है तो कोई नूरजहां आम की विशेषताओं से प्रभावित है।

*इन आमों को देखने के लिए उमड़ रही है भीड़* :
आइसक्रीम आम – फ्रीजर में रखने पर एक वर्ष तक खराब नहीं होता।
मियाजाकी आम – जापान का विश्व प्रसिद्ध एवं अत्यंत महंगा आम।
एप्पल मैंगो – सेब जैसे स्वाद एवं आकार वाला आम।
गदाधार आम – लगभग ढाई किलोग्राम वजन का आम।
क्यूज़म मैंगो – लगभग डेढ़ किलोग्राम वजन का आम।
काजू आम – काजू के आकार जैसा छोटा आम।
रेड इनोवरी – थाईलैंड की आकर्षक किस्म।
इसके अतिरिक्त देसी किस्मों में केसर, स्वर्णरेखा, फाजली, मालदह, अंबिका, अरुणिमा, वनराज, किशन भोग, हिमसागर, नीलम, लालिमा एवं गुलाबखास सहित सैकड़ों किस्मों की प्रदर्शनी लगाई गई है।

*जर्दालू जैसा कोई नहीं*
एक हजार से अधिक किस्मों के आमों की प्रदर्शनी दर्शकों को रोमांचित कर रही है। बाहर से आए आम प्रेमियों का कहना है कि अनेक दुर्लभ एवं सुगंधित किस्मों को देखकर वे आश्चर्यचकित हैं, लेकिन भागलपुर का जर्दालू आम अपनी विशिष्ट सुगंध और स्वाद के कारण सभी में सबसे अलग और विशेष है।

*आम खाओ प्रतियोगिता*
आम समागम का प्रमुख आकर्षण “आम खाओ प्रतियोगिता” बनी हुई है। इसमें कोई भी व्यक्ति निर्धारित शुल्क देकर भाग ले सकता है तथा सर्वाधिक आम खाने वाले प्रतिभागी को पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा।

*खरीद सकते हैं आम और आम के पौधे*
राष्ट्रीय आम समागम में प्रदर्शनी के साथ-साथ आगंतुक देशभर से आए विभिन्न किस्मों के आम खरीद सकते हैं। साथ ही जर्दालू, मालदह, आम्रपाली, गुलाबखास आदि प्रमुख किस्मों के पौधे भी उपलब्ध हैं।
*कल माननीय राज्यपाल एवं कृषि मंत्री होंगे शामिल*
राष्ट्रीय आम समागम-सह-कार्यशाला के दूसरे दिन बिहार के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन एवं कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा कार्यक्रम में शामिल होंगे तथा प्रदर्शनी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित करेंगे।

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