बरेली में मौलाना तौसीफ़ रज़ा की संदिग्ध मौत पर ठाकुरगंज में उबाल, सैकड़ों लोगों ने निकाला कैंडल मार्च

बरेली में मौलाना तौसीफ़ रज़ा की संदिग्ध मौत पर ठाकुरगंज में कैंडल मार्च, निष्पक्ष जांच की मांग तेज

ठाकुरगंज के मौलाना तौसीफ़ रज़ा की बरेली में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे क्षेत्र में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। घटना के विरोध में शुक्रवार की शाम ठाकुरगंज शहर में एक विशाल कैंडल मार्च का आयोजन किया गया, जिसमें जनसैलाब उमड़ पड़ा।

यह कैंडल मार्च शहर की ऐतिहासिक मरकजी जामा मस्जिद से शुरू होकर मुख्य बाज़ार क्षेत्र डीडीसी मार्केट तक निकाला गया। पूरे रास्ते लोग हाथों में मोमबत्तियां लिए शांतिपूर्ण तरीके से मार्च करते हुए आगे बढ़ते रहे और मौलाना तौसीफ़ रज़ा को श्रद्धांजलि अर्पित की।

मार्च में क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि, विधायक, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक, छात्र और सिविल सोसायटी के सैकड़ों लोग शामिल हुए। बड़ी संख्या में युवाओं और बुजुर्गों की मौजूदगी ने इस विरोध प्रदर्शन को और व्यापक बना दिया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर “निष्पक्ष जांच कराओ”, “हमें इंसाफ चाहिए” और “दोषियों को सजा दो” जैसे नारे लिखे हुए थे।

प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में प्रशासन से मांग की कि मौलाना तौसीफ़ रज़ा की मौत की घटना की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। लोगों का कहना था कि जिस तरह से यह घटना सामने आई है, वह कई सवाल खड़े करती है और सच्चाई सामने लाना बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरती गई तो वे आंदोलन को और व्यापक रूप देंगे।

कैंडल मार्च के दौरान कई स्थानीय नेताओं और बुद्धिजीवियों ने संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की मौत का मामला नहीं है, बल्कि न्याय और कानून व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने प्रशासन से पारदर्शिता बनाए रखने और जल्द से जल्द दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की।

मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, हालांकि लोगों के बीच गुस्सा साफ तौर पर देखा गया। सुरक्षा के मद्देनज़र स्थानीय प्रशासन भी अलर्ट मोड में रहा और पूरे मार्ग पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

वहीं, दूसरी ओर प्रशासन की ओर से मामले की जांच किए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन अब तक किसी ठोस निष्कर्ष या कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। इससे लोगों में असंतोष और बढ़ता जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निष्पक्ष जांच शुरू नहीं की गई और दोषियों को सजा नहीं मिली, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल ठाकुरगंज में स्थिति शांतिपूर्ण है, लेकिन लोगों का गुस्सा प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

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