स्वास्थ्य केंद्र बना सीमेंट स्टोर इंसानों के जगह अब होगा सीमेंट छड़ का इलाज
मस्तुरी ब्लॉक (बिलासपुर, छत्तीसगढ़) के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत कुकुरदीकला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) से बेहद चिंताजनक स्थिति सामने आ रही है। जहां एक ओर ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए, वहीं दूसरी ओर अस्पताल के महत्वपूर्ण कक्षों का इस्तेमाल निर्माण सामग्री रखने के लिए किया जा रहा है।
इस अव्यवस्था को लेकर स्थानीय स्तर पर और ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मुख्य समस्याएं और उठते सवाल
स्टोर रूम में तब्दील हुए इलाज कक्ष: अस्पताल का ड्रेसिंग कक्ष और नेत्र चिकित्सक कक्ष इलाज के बजाय सीमेंट, छड़ और अन्य निर्माण सामग्री रखने का गोदाम बन चुके हैं। ग्रामीणों का पूछना जायज है कि ‘क्या अब अस्पतालों में इंसानों की जगह सीमेंट और छड़ का इलाज किया जाएगा?’
अधिकारियों की कथित संलिप्तता: आरोप लग रहे हैं कि जिम्मेदार डॉक्टरों और अधिकारियों के इशारे या उनकी जानकारी में ही अस्पताल परिसर को इस तरह डंपिंग यार्ड बनाया गया है।
BMO की मॉनिटरिंग पर सवाल: मस्तुरी ब्लॉक के बीएमओ (BMO) डॉ. अनिल कुमार पर सीधे तौर पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। सवाल उठाया जा रहा है कि क्या वे कभी जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण (Monitoring) करते भी हैं या नहीं?
कर्मचारियों की अनियंत्रित अनुपस्थिति: स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों की उपस्थिति और ड्यूटी को लेकर भी कोई कड़ा नियंत्रण दिखाई नहीं दे रहा है। बीएमओ द्वारा अपने अधीन काम करने वाले स्टाफ की सही जानकारी न रखने और लचर प्रशासनिक पकड़ के कारण आम जनता को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है।
जनता की मांग: क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में इस बदहाली को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों की मांग है कि जिला स्वास्थ्य प्रशासन और उच्च अधिकारी इस मामले का तुरंत संज्ञान लें, अस्पताल
