विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन एवं श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन एवं श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/बिहार।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल प्रभात फेरी से हुई, जिसे श्रम अधीक्षक, भागलपुर एवं जिला कल्याण पदाधिकारी, भागलपुर द्वारा संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। प्रभात फेरी के माध्यम से आम जन को बाल श्रम उन्मूलन, बच्चों के शिक्षा के अधिकार तथा बाल अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। प्रतिभागियों ने बाल श्रम के विरुद्ध जन जागरूकता संबंधी नारों के माध्यम से समाज को महत्वपूर्ण संदेश दिया।

इसके उपरांत विभिन्न कार्यालयों में कार्यक्रम आयोजित कर उपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को बाल श्रम उन्मूलन की शपथ दिलाई गई। शपथ के माध्यम से सभी ने यह संकल्प लिया कि वे बाल श्रम को बढ़ावा नहीं देंगे तथा बच्चों को शिक्षा एवं सुरक्षित बचपन उपलब्ध कराने में अपना योगदान देंगे।

इस अवसर पर श्रम अधीक्षक, भागलपुर ने कहा कि बाल श्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है। बाल श्रम के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के साथ-साथ समाज में जागरूकता फैलाना भी अत्यंत आवश्यक है।

श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग द्वारा जिले में समय-समय पर धावादल के माध्यम से छापामारी अभियान चलाकर बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया जाता है तथा दोषी नियोजकों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाती है।

श्रम अधीक्षक ने सभी प्रतिष्ठान संचालकों, व्यवसायियों एवं नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी बाल श्रमिक को कार्य पर नियोजित न करें तथा बाल श्रम की सूचना अविलंब जिला प्रशासन अथवा श्रम विभाग के पदाधिकारियों को उपलब्ध कराएं।

बाल श्रम मुक्त समाज ही विकसित एवं समृद्ध राष्ट्र की आधारशिला है।

श्रम अधीक्षक
भागलपुर

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