भागलपुर ,महात्मा गांधी आगमन शताब्दी समारोह समिति के संरक्षण समिति, स्वागत समिति, और आयोजन समिति के सदस्यों की बैठक डॉक्टर शंभू दयाल खेतान पूर्व अध्यक्ष, जिला परिषद भागलपुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/ बिहार
गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र भागलपुर में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रोहित पांडे,विधायक भागलपुर, अति विशिष्ट अतिथि महापौर डॉ वसुंधरा लाल, विशिष्ट अतिथि उपमेय डॉक्टर सलाहुद्दीन अहसन थे।
बैठक का संचालन और स्वागत गांधी शांति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष प्रकाश चंद्र गुप्ता द्वारा किया गया। कार्यक्रम की रूपरेखा और ऐतिहासिक संदर्भ तथा महात्मा गांधी के भागलपुर आगमन के 100 वर्ष पूरे होने तथा राष्ट्रीय फलक पर गांधी शांति प्रतिष्ठान की व गांधी विचार की उपलब्धि व विरासत पर आधारित,आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार का संपूर्ण संदर्भ डॉ मनोज कुमार द्वारा रखा गया।
धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष ऐनुल होदा द्वारा किया गया।
बैठक में उपस्थित मुख्य अतिथि रोहित पांडे ,विधायक भागलपुर ने कहा कि गांधी आगमन के शताब्दी वर्ष पर राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित करने का निर्णय भागलपुर के लिए गौरव की बात है। भागलपुर में गांधी के आगमन का 100 वां वर्ष अपने आप में ऐतिहासिक है । यह राष्ट्रीय सेमिनार इस ऐतिहासिक संदर्भों को संरक्षित और पोषित करने का बहुत बड़ा साधन होगा। उन्होंने कहा की मोहनदास करमचंद गांधी को महात्मा गांधी बिहार ने हीं बनाया है और उसमें हम भागलपुर में महात्मा गांधी को याद करेंगे और राष्ट्रीय स्तर की ख्याति प्राप्त गांधी जन भागलपुर पहुंचेंगे और उनके आतिथ्य का शुभ अवसर हमें मिलेगा यह और भी गौरव की बात है। यह भागलपुर वासियों के लिए अत्यंत ही सुखद घड़ी होगी। हमारे प्रधानमंत्री ने विकसित भारत की कल्पना की है और विकसित भारत ग्राम केंद्रित अर्थव्यवस्था से ही बन सकता है इसलिए गांधी के विचार और उसके कार्यक्रमों को संयोजित कर ही विकसित भारत की कल्पना कर सकते हैं। हम गांधी शांति प्रतिष्ठान और आयोजन समिति के निर्णय के साथ हैं हम पूरे तन मन धन से इस कार्यक्रम को सहयोग करेंगे।
महापौर डॉ वसुंधरा लाल और उप महापौर डॉक्टर सलाहुद्दीन एहसान ने राष्ट्रीय सेमिनार के आयोजन की संपूर्ण व्यवस्था में पूरे मनोयोग से सहयोग करने का आश्वासन देते हुए कहा कि भागलपुर की धरती पर गांधी जनों का आगमन और गांधी के ऐतिहासिक संदर्भों पर चर्चा करना हमारे लिए और युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा स्रोत होगा।
डॉ फारूक अली ने कहा कि अगली पीढ़ी को गांधी से जोड़ने की यह प्रक्रिया है जिससे भागलपुर की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर होगी ।आज दुनिया के स्तर पर और राष्ट्र के स्तर पर गांधी के विचार ही शांति और अहिंसा का रास्ता दिखा सकता है इस घड़ी में राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम होना हमारे लिए सौभाग्य की बात होगी।
अध्यक्षीय भाषण करते हुए डॉक्टर शंभू दयाल खेतान पूर्व अध्यक्ष जिला परिषद भागलपुर ने कहा कि हिंसा का परिणाम कभी भी अच्छा नहीं होता है। अहिंसा सबसे बड़ा अस्त्र है। स्वस्थ समाज और विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए गांधी के विचार का व्यापक प्रचार प्रसार होना आवश्यक है इसलिए भागलपुर में यह राष्ट्रीय स्तर का सफल कार्यक्रम आयोजित हो रहा है।हम इस कार्यक्रम के
साथ हैं और व्यवस्थित आयोजन में पूरा सहयोग करेंगे।
कार्यक्रम में डॉक्टर सतीश कुमार, मोहम्मद अहमद, कमल जायसवाल, मो,तकी अहमद जावेद, डॉ साकेत शरण ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोगों में संजय कुमार, जिनी हामिदी,सुभाष कुमार प्रसाद ,अनीता शर्मा, मृदुला सिंह,वीणा सिन्हा, अखिलेश्वर पासवान, इंजीनियर अमन कुमार सिंहा,मोहम्मद बाकिर हुसैन,राज कुमार, डॉ जयंत जलद ,मनोज गुप्ता, कुमार संतोष, बासुदेव भाई, अरविंद कुमार रामा,जयप्रकाश महंत,किशोरी मंडल,सौरभ प्रकाश,वकील प्रसाद सिंह, डॉक्टर शहीद रजा जमाल, अरविंद कुमार राम, संजय कुमार यादव, गौरव जैन ,विनोद शाह, वकील प्रसाद, मोहम्मद काबुल ,विनय कुमार सिंह, स हित अनेकों लोग उपस्थित थे।
निवेदक
संजय कुमार,कार्यालय सचिव, गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र भागलपुर।
