मजदूर नेता कॉमरेड आरएन ठाकुर की स्मृति में हुई श्रद्धांजलि सभा

मजदूर नेता कॉमरेड आरएन ठाकुर की स्मृति में हुई श्रद्धांजलि सभा

कॉमरेड आरएन ठाकुर का पूरा जीवन कम्युनिस्ट मूल्यों का सजीव मिसाल था : एसके शर्मा

रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/बिहार।

ऐक्टू के राज्य महासचिव और भाकपा (माले) बिहार के संस्थापक नेतृत्वकारियों में शामिल कॉमरेड आरएन ठाकुर की स्मृति में बुधवार को स्थानीय पेंशनर समाज भवन में श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई। सभा में शामिल विभिन्न मजदूर संगठनों और सामाजिक – राजनीतिक संगठनों के नेताओं – कार्यकर्ताओं ने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित किया और दो मिनट का सामूहिक मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता कर रहे ऐक्टू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एसके शर्मा ने कहा कि कॉमरेड आरएन ठाकुर सच्चे कम्युनिस्ट थे। उनका पूरा सांगठनिक और सार्वजनिक जीवन कम्युनिस्ट मूल्यों का सजीव मिसाल था। उन्होंने खुद को गरीबों – मजदूरों, शोषितों – वंचितों के अधिकारों की लड़ाई को समर्पित कर दिया था। उनका निधन सिर्फ वाम – जनवादी आन्दोलन ही नहीं, संपूर्ण मजदूर वर्ग आंदोलन की अपूरणीय क्षति है। आइए, उनके क्रांतिकारी जीवन, संघर्ष, त्याग, जनप्रतिबद्धता को अपने जीवन में उतारें और उनके संघर्ष को आगे बढ़ाते हुए शोषणमुक्त, लोकतांत्रिक और समतामूलक समाज बनाने का संकल्प लें।

ऐक्टू के राज्य सचिव व भाकपा (माले) के राज्य कमिटी सदस्य मुकेश मुक्त ने सभा का संचालन करते हुए कॉमरेड आरएन ठाकुर के जीवन संघर्ष को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि उनके सांगठनिक जीवन में सीखने के लिए बहुत कुछ था। उनकी सादगी, अनुशासन, वैचारिक स्पष्टता, मजदूर वर्ग आंदोलन के प्रति अटूट निष्ठा और विपरित परिस्थितियों में भी लगातार काम करते रहने की अचंभित कर देने वाली शैली और क्षमता, उन्हें अपने दौर के नेतृत्वकारियों विशिष्ट बनाती थी। मजदूर अधिकारों की हर लड़ाई में वे हमेशा जीवित रहेंगे।

भाकपा (माले) के जिला सचिव महेश प्रसाद यादव ने कहा कि वे मजदूरों के बहुत बड़े नेता थे, इसके वाबजूद एक कार्यकर्ता की तरह सभी का बहुत ध्यान रखते थे। आम मजदूरों में उनका बहुत सम्मान था। आज जिस प्रकार से नागरिक अधिकारों पर, खास कर गरीबों, दलितों और वंचितों पर चौतरफा हमले हो रहें है, ऐसे में उनसे प्रेरणा लेकर, निरंतरता में संघर्ष जारी रखना होगा। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

श्रद्धांजलि सभा को उपरोक्त सहित भाकपा (माले) के पूर्व नगर सचिव सुरेश प्रसाद साह, बांका जिला कमिटी सदस्य संगीता देवी, ऐक्टू के जिला उपाध्यक्ष विष्णु कुमार मंडल, सेवा नेत्री मौसम देवी, खेग्रामस के जिला प्रभारी गौरीशंकर राय, असंगठित कामगार महासंघ के राज्य कमिटी सदस्य सिकंदर तांती, भागलपुर डीबीए के संयुक्त सचिव अरुणाभ शेखर, सामाजिक न्याय आंदोलन, बिहार के राज्य सचिव अर्जुन शर्मा, बहुजन इंटेलेक्चुअल फोरम के अभय कुमार, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ–गोपगुट के जिला सचिव राकेश अंबष्ट, बिहार राज्य निर्माण मजदूर यूनियन के सकलदेव मंडल, आइसा के राज्य उपाध्यक्ष प्रवीण कुशवाहा सहित कई मजदूर नेताओं ने संबोधित किया।

कार्यक्रम में अमर कुमार, चंचल पंडित, अमित गुप्ता, मनोज कृष्ण सहाय, मो. मुमताज, मो. रुस्तम, जयप्रकाश, बन्धुजी, योगेंद्र सिंह, विंदु भारती, बुधनी उरांव, बंदना कुमारी, कविता देवी, गुड़िया देवी, चांदनी देवी, सितारा खातून, बीबी आसमीन, पवन यादव, मनोज दास, छंगुरी दास, संतोष कुमार, खुशबू देवी, रीना देवी, रितु देवी, अंजू देवी, वीणा देवी, सोनी देवी, मनोज दास, रुबी देवी, अब्दुल बारीक, बीबी रुखसाना, गुलनिशां, सहदेव मंडल, देवेंद्र पंडित, सूर्यकांत झा, महेंद्र यादव आदि सैकड़ों महिला – पुरुष मजदूर शामिल हुए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!