ठाकुरगंज भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से एक नाबालिग लड़की को संभावित मानव तस्करी का शिकार होने से बचा लिया गया। मामले में 32 वर्षीय एक युवक को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई के लिए खोरीबाड़ी थाना पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से एक स्विफ्ट डिजायर कार, मोबाइल फोन और 4,500 रुपये नकद बरामद किए हैं।
जानकारी के अनुसार, 8 अगस्त की शाम करीब पांच बजे पानीटंकी न्यू ब्रिज पर भारत से नेपाल की ओर जा रही सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार को BIT कर्मियों ने नियमित जांच के दौरान रोका। वाहन में एक नाबालिग लड़की और एक वयस्क युवक सवार थे। पूछताछ के दौरान दोनों के जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। नाबालिग के संदिग्ध व्यवहार को देखते हुए सुरक्षा कर्मियों ने मामले को गंभीरता से लिया।
इसके बाद संभावित मानव तस्करी की आशंका को देखते हुए संबंधित एजेंसियों ने संयुक्त रूप से पूछताछ की। मामले की सूचना कोसी लोक मंच एनजीओ और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU), एसएसबी रानीडांगा को दी गई।
पूछताछ में सामने आया कि नाबालिग लड़की का संपर्क ‘मोन’ नामक व्यक्ति के माध्यम से आरोपी युवक से हुआ था। आरोप है कि नेपाल में इवेंट से संबंधित काम दिलाने के बहाने लड़की को नेपाल ले जाने की तैयारी की गई थी। जांच एजेंसियों को आशंका है कि नौकरी का प्रस्ताव महज बहाना हो सकता है और लड़की को देह व्यापार में धकेलने की योजना बनाई गई थी।
मोबाइल फोन की प्रारंभिक जांच में आरोपी युवक और ‘मोन’ के बीच लगातार संपर्क होने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियां अब ‘मोन’ समेत मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।
संयुक्त पूछताछ और आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद नाबालिग लड़की, आरोपी युवक, कार, मोबाइल फोन और 4,500 रुपये नकद को आगे की कार्रवाई के लिए खोरीबाड़ी थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार, मामले में POCSO Act, 2012, BNS, 2023 और ITPA, 1956 समेत अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस संभावित मानव तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
