शिक्षिकाओं की शिकायत से नाथनगर के स्कूल में मचा हड़कंप प्रधानाध्यापक समेत पुरुष शिक्षकों पर गंभीर आरोप, अब होगी स्थानीय जांच
रिपोर्ट संजीव कुमार शर्मा भागलपुर बिहार
भागलपुर नाथनगर प्रखंड के एक मध्य विद्यालय में महिला शिक्षिकाओं की ओर से की गई शिकायत के बाद शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है। महिला शिक्षिकाओं ने प्रधानाध्यापक समेत कुछ पुरुष शिक्षकों पर अशोभनीय व्यवहार, अभद्र टिप्पणी, अनुचित इशारे, मानसिक उत्पीड़न और विद्यालय के शैक्षणिक माहौल को खराब करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर अब विभागीय स्तर पर स्थानीय जांच कराने का निर्देश दिया गया है।शिकायत के अनुसार, विद्यालय में कार्यरत महिला शिक्षिकाओं ने आरोपों को गंभीर बताते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की है। शिक्षिकाओं का कहना है कि कथित व्यवहार से उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और इसका असर विद्यालय के वातावरण पर भी पड़ रहा है। मामले को लेकर शिक्षिकाओं ने जिला प्रशासन के समक्ष भी आवेदन देकर न्याय की मांग की है।बताया गया है कि इस मामले की शिकायत दरअसल सहयोग पोर्टल पर भी दर्ज कराई गई थी। 17 सितंबर को इस मामले को लेकर शिकायत मिलने के बाद विभागीय स्तर पर इसकी जानकारी सामने आई। इसके बाद 22 सितंबर को जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की ओर से मामले की जांच का निर्देश जारी किया गया।जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के निर्देश के बाद अब प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, नाथनगर को शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्थानीय स्तर पर जांच कर अविलंब जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया है। विभाग की ओर से जांच में शिकायत में दर्ज तथ्यों की वास्तविकता की पड़ताल करने की बात कही गई है।
इस मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि महिला शिक्षिकाओं की ओर से लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और जांच के दौरान क्या तथ्य सामने आते हैं। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।विद्यालय जैसे शिक्षण संस्थान में शिक्षक-शिक्षिकाओं के बीच सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में महिला शिक्षिकाओं की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों ने मामले को संवेदनशील बना दिया है।विभागीय जांच से न केवल शिकायत में लगाए गए आरोपों की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है, बल्कि इससे विद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक माहौल की भी तस्वीर स्पष्ट हो सकती है
