डेस्क बिहार भागलपुर 9-10-2026 संजीव कुमार शर्मा भागलपुर
बियाडा घाट पहुंचते ही शुरू हुई प्रसव पीड़ा, नाव पर ही हुआ प्रसव; नवजात की हालत गंभीर होने की आशंका, अस्पताल भेजी गई महिला
भागलपुर विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद गंगा पार आवागमन के दौरान शुक्रवार को एक गर्भवती महिला ने एसडीआरएफ की नाव पर बच्चे को जन्म दिया. जाह्नवी चौक घाट से बियाडा घाट लायी जा रही महिला को घाट पहुंचने पर प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. इसके बाद घाट पर प्रतिनियुक्त मेडिकल टीम से मदद मांगी गई. इसी दौरान महिला ने एसडीआरएफ की नाव पर ही बच्चे को जन्म दिया. जहाज से उतर रहीं तीन महिलाओं ने खुद को एएनएम बताते हुए नाव पर पहुंचकर नवजात की जांच की. उनके अनुसार, जांच के दौरान बच्चे में जीवन के संकेत नहीं मिले. इसके बाद प्रसूता को प्राथमिक उपचार देकर एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया. नवजात की स्थिति की अस्पताल से आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है.
*जाह्नवी घाट से बियाडा घाट लायी जा रही थी महिला* प्रसूता की पहचान इस्माइलपुर थाना क्षेत्र के जयमंगल टोला निवासी संगीता देवी, पति ज्योतिष कुमार के रूप में हुई है. वह जाह्नवी चौक घाट से गंगा पार कर बियाडा घाट पहुंची थीं. घाट पर पहुंचते ही प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद मौके पर मौजूद कर्मियों से सहायता मांगी गई. इसके बाद एसडीआरएफ की नाव पर ही प्रसव हुआ. घटना ने गंगा पार आवागमन के दौरान गर्भवती महिलाओं के लिए आपात चिकित्सा व्यवस्था की जरूरत को सामने ला दिया है *बीमार वृद्ध को भी एसडीआरएफ की मोटरबोट से पहुंचाया गया*
इसी दिन प्रशासन की पहल पर नवगछिया के खैरपुर कदवा निवासी 84 वर्षीय बीमार रामदास यादव को जाह्नवी घाट से एसडीआरएफ की मोटरबोट के जरिए बियाडा घाट पहुंचाया गया. गांव में तबीयत गंभीर होने के बाद परिजन उन्हें लेकर जाह्नवी घाट पहुंचे थे. वृद्ध की स्थिति ऐसी नहीं थी कि उन्हें जहाज पर चढ़ाया जा सके. इस कारण परिजन परेशान थे वृद्ध के पुत्र प्रद्युम्न कुमार ने जाह्नवी चौक स्थित कार्यालय पहुंचकर स्थानीय प्रशासन को अपनी समस्या बतायी. इसके बाद प्रशासन की पहल पर एसडीआरएफ की मोटरबोट से वृद्ध को गंगा पार कराया गया. प्रद्युम्न कुमार ने बताया कि प्रशासन के सहयोग से वे पिता को लेकर आसानी से भागलपुर पहुंच सके. चिकित्सक को दिखाने के बाद लौटने पर भी गंगा पार कराने की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई है
*सेतु बंद होने से बढ़ी है परेशानी*
विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन के लिए लोगों को गंगा पार करने के लिए जहाज और नावों पर निर्भर रहना पड़ रहा है. ऐसे में बीमार बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को लाने-ले जाने में परेशानी हो रही है. शुक्रवार की दोनों घटनाओं ने आपात स्थिति में चिकित्सा सहायता और प्रशासनिक समन्वय की जरूरत को फिर सामने ला दिया.
