किशनगंज। शिक्षा का मंदिर कहे जाने वाले मशहूर मारवाड़ी कॉलेज, किशनगंज की स्थिति इन दिनों बद से बदतर हो चुकी है। कॉलेज परिसर गंदगी से पट चुका है, जिससे न केवल छात्रों के स्वास्थ्य पर संकट गहराता जा रहा है, बल्कि शिक्षा के माहौल पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।

कॉलेज के छात्रों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी और सफाई व्यवस्था की कमी ने हालात को बदतर बना दिया है। एक छात्र ने नाराज़गी जताते हुए कहा, “हम पढ़ाई करने आते हैं, लेकिन गंदगी और बदबू से परेशान रहते हैं। क्लास में बैठना मुश्किल हो गया है।”
स्थानीय लोगों ने भी कॉलेज की स्थिति पर चिंता जताई। मोहल्ले के निवासी ने कहा, “जब शिक्षा के मंदिर में ही गंदगी का अंबार होगा तो बच्चों को स्वस्थ माहौल कैसे मिलेगा? प्रशासन को तुरंत कदम उठाना चाहिए।”
स्वच्छता कर्मियों के तमाम वादों और दावों के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। कॉलेज के छात्रों और आसपास के लोगों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि कॉलेज परिसर में स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त की जा सके और विद्यार्थियों को एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके।
शैक्षणिक संस्थान केवल पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के निर्माण का आधार होते हैं। जब बच्चे गंदगी, बदबू और अस्वच्छ माहौल में पढ़ेंगे तो उनके स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ना तय है। स्वच्छता केवल सौंदर्य का विषय नहीं, बल्कि यह स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों का मूल तत्व है।
सरकार और कॉलेज प्रशासन को यह समझना होगा कि स्वच्छ परिसर ही स्वस्थ दिमाग और बेहतर शिक्षा का आधार है। यदि शिक्षा के मंदिर ही गंदगी का ढेर बन जाएं तो यह समाज और व्यवस्था दोनों के लिए शर्मनाक है।
अब ज़रूरत है कि संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि तत्काल कार्रवाई करें, ताकि मारवाड़ी कॉलेज जैसे संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र स्वच्छ, सुरक्षित और प्रेरणादायी माहौल पा सकें।
