संवाददाता: महेंद्र सिंह राय
मस्तुरी।क्षेत्र के पचपेड़ी तहसील अंतर्गत ग्राम भिलौनी में शिवनाथ नदी से बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन और परिवहन का मामला सामने आया है। आरोप है कि खनिज विभाग और पचपेड़ी तहसीलदार नीलम पिस्दा के संरक्षण में यह अवैध गतिविधि लंबे समय से बेखौफ तरीके से चल रही है, जिससे शासन को हर वर्ष लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार भिलौनी रेत घाट से प्रतिदिन लगभग 50 से 60 ट्रैक्टरों के माध्यम से अवैध रूप से रेत का उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि ग्राम में जो भी सरपंच बनता है, उसकी पहली नजर शिवनाथ नदी के रेत घाट पर होती है, जिसे अवैध कमाई का प्रमुख जरिया माना जाता है। वर्तमान में सरपंच प्रतिनिधि द्वारा प्रति ट्रैक्टर (प्रति ट्रिप) 200 रुपये की अवैध वसूली किए जाने का भी आरोप है।
स्थानीय नागरिकों और पत्रकारों द्वारा इस अवैध रेत खनन की सूचना खनिज विभाग और पचपेड़ी तहसीलदार नीलम पिस्दा को कई बार दी गई, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। आरोप यह भी है कि जब पत्रकार मौके पर पहुंचकर अधिकारियों को फोन करते हैं, तो फोन तक नहीं उठाया जाता, जिससे प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब भिलौनी से हो रहे अवैध रेत परिवहन की जानकारी बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल को दी गई, तो उन्होंने संबंधित विभाग को इस संबंध में निर्देश देकर उचित कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
अब देखना यह होगा कि कलेक्टर के निर्देश के बाद प्रशासन अवैध रेत माफियाओं पर कब और किस स्तर तक कार्रवाई करता है, या फिर यह अवैध कारोबार इसी तरह संरक्षण में फलता-फूलता रहेगा।
