राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने मुख्यमंत्री और DGP से की हस्तक्षेप की मांग
संवाददाता शुभम कुमार बिहार।
बेगुसराय/पटना-राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन,भारत के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष सांगेश कुमार भाटी (सांगाराम) ने बिहार के बेगूसराय जिले में एक महिला सरकारी शिक्षिका, कुमारी अर्चना,के साथ पिछले 6 वर्षों से हो रहे निरंतर उत्पीड़न और डिजिटल अपराध के मामले में प्रशासन की चुप्पी पर कड़ा रोष व्यक्त किया है।
संगठन के अध्यक्ष ने बताया कि आरोपी उमेश कुमार ठाकुर (निवासी: पिपरा प्रोफेसर कॉलोनी, बेगूसराय) द्वारा पीड़िता की तस्वीरों को ‘मॉर्फ’ (Edit) कर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी जा रही है। आरोपी स्वयं को ‘आरटीआई कार्यकर्ता’ बताकर सूचना के अधिकार कानून का दुरुपयोग कर रहा है और पीड़िता के कैरियर को बर्बाद करने की नियत से शिक्षा विभाग में अनर्गल शिकायतें कर रहा है।
सांगेश कुमार भाटी ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि
“यह अत्यंत शर्मनाक है कि एक महिला शिक्षिका पिछले 6 वर्षों से न्याय के लिए भटक रही है, लेकिन बेगूसराय पुलिस ने केवल धारा 107 जैसी कागजी खानापूर्ति कर अपराधी को खुला छोड़ रखा है। प्रशासन की इस उदासीनता के कारण अपराधी का मनोबल इतना बढ़ गया है कि उसने उल्टा पीड़िता और उसे समझाने गए समाज के लोगों पर ही झूठे मुकदमे दर्ज करवा दिए हैं।”
संगठन ने इस संबंध में माननीय मुख्यमंत्री बिहार, पुलिस महानिदेशक (DGP), राष्ट्रीय महिला आयोग और मानवाधिकार आयोग को कड़ा ‘स्मरण पत्र’ (Reminder) भेजकर अपराधी की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़िता को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।सांगेश कुमार भाटी ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी 7 दिनों के भीतर आरोपी उमेश कुमार ठाकुर पर IT Act के तहत कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन इस प्रशासनिक लापरवाही के विरुद्ध न्यायालय की शरण लेगा और प्रदेश व्यापी आंदोलन के लिए विवश होगा।
