शिक्षा पर्यटन और स्कूल में संसाधन की व्यवस्था पर खुलकर की बात
जिला रिपोर्टर-रंजन कुमार=
शेखपुरा के विधायक रणधीर कुमार सोनी से हाल ही में विभिन्न शिक्षण संस्थानों की छात्राओं ने मुलाकात की। इस दौरान छात्राओं ने पर्यटन, शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों में उपलब्ध संसाधनों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। यह मुलाकात न केवल संवाद का एक सकारात्मक उदाहरण बनी, बल्कि छात्राओं की जागरूकता और अपने अधिकारों के प्रति बढ़ती समझ को भी दर्शाती है। मुलाकात के दौरान छात्राओं ने अपने विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं की कमी, शिक्षण संसाधनों की उपलब्धता, पुस्तकालय और प्रयोगशालाओं की स्थिति, तथा खेल-कूद और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के विकास जैसे विषयों पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने यह भी बताया कि कई स्कूलों में शौचालय, पेयजल और बैठने की समुचित व्यवस्था अभी भी एक चुनौती बनी हुई है। छात्राओं ने पर्यटन स्थलों के विकास और उनके शैक्षणिक भ्रमण से जुड़े अवसरों पर भी अपनी अपेक्षाएं व्यक्त कीं। विधायक रणधीर कुमार सोनी ने छात्राओं की सभी बातों को गंभीरता से सुना और उनकी समस्याओं को सरलता व संवेदनशीलता के साथ समझने का प्रयास किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन मुद्दों को स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार के समक्ष प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाएगा, ताकि जल्द से जल्द आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि छात्राओं की शिक्षा और उनके समग्र विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है जदयू विधायक रणधीर कुमार सोनी ने यह भी उल्लेख किया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा छात्राओं के हित में कई महत्वपूर्ण योजनाएं और पहल की गई हैं जिनका सकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि आज छात्राएं बिना किसी झिझक के अपनी समस्याओं को जनप्रतिनिधियों के सामने रख रही हैं, जो एक स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था का संकेत है। इस मुलाकात में इस्लामिया उच्च विद्यालय, डीएम उच्च विद्यालय और संजय गांधी महिला कॉलेज की छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। छात्राओं ने विधायक से बेबाक सवाल पूछे और अपनी जिज्ञासाओं को खुलकर सामने रखा। यह संवाद न केवल उनकी आत्मविश्वासपूर्ण सोच को दर्शाता है, बल्कि शिक्षा के प्रति उनकी गंभीरता को भी उजागर करता है। अंततः यह बैठक छात्राओं और जनप्रतिनिधि के बीच एक सकारात्मक पहल के रूप में सामने आई, जिसमें समस्याओं के समाधान की दिशा में सार्थक संवाद स्थापित हुआ। उम्मीद है कि इस तरह के प्रयास भविष्य में शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।
