लीलागर और शिवनाथ नदी उफान पर: 24 घंटे की भारी बारिश से तटीय गांवों में बाढ़ का खतरा, कोटवारों ने रात में सतर्क रहने की कराई मुनादी
बिलासपुर जिले मस्तुरी ब्लाक अंतर्गत एरिया पर
मुख्य बिंदु:
पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण लीलागर और शिवनाथ नदियां उफान पर हैं।
केवटाडीह, टांगर, भरारी, विद्याडीह टांगर और बोहारडीह सहित कई तटीय गांवों में अलर्ट जारी।
स्थानीय प्रशासन के निर्देश पर ग्राम कोटवारों द्वारा ढोल बजाकर ग्रामीणों को रात में मुस्तैद रहने की दी जा रही चेतावनी।
विशेष समाचार रिपोर्ट:
क्षेत्रीय डेस्क: क्षेत्र में पिछले 24 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ गए हैं, जिससे मैदानी इलाकों में बाढ़ का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। लगातार हो रही इस भारी बारिश की वजह से क्षेत्र की दो प्रमुख नदियां—लीलागर नदी और शिवनाथ नदी—अपने रौद्र रूप में हैं और इनका जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच चुका है। नदियों में आए इस उफान के चलते आसपास के निचले और तटीय इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
कोटवारों ने संभाली कमान, रात में सतर्क रहने की दी हिदायत
नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। प्रभावित और संवेदनशील माने जाने वाले आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों, जैसे कि केवटाडीह, टांगर, भरारी, विद्याडीह टांगर और बोहारडीह में सुरक्षा के लिहाज से विशेष हिदायत दी जा रही है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के निर्देश पर संबंधित ग्रामों के कोटवारों द्वारा गांवों में मुनादी कराई जा रही है। कोटवार ढोल पीटकर ग्रामीणों को लगातार जागरूक कर रहे हैं और उन्हें नदी-नालों से दूर रहने तथा विशेष रूप से रात्रि के समय अत्यधिक सतर्क और मुस्तैद रहने की चेतावनी दे रहे हैं, ताकि किसी भी अनहोनी या आपातकालीन स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
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संवाददाता= महेंद्र सिंह राय
