कटिहार…“हाथ में सलाइन, कदम लड़खड़ाते… फिर भी हाजिरी जरूरी
कटिहार में इंसानियत हार गई और सिस्टम जीत गया
संवाददाता मनोज कुमार कटिहार/बिहार
बीमारी का सबूत देने के लिए एक आंगनबाड़ी सेविका को इस हालत में पहुंचना पड़ा…
क्या अब दर्द भी ‘ऑफिस वेरिफिकेशन’ के बाद ही सच माना जाएगा?
बिहार के कटिहार जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक बीमार आंगनबाड़ी सेविका को अपनी बीमारी साबित करने के लिए हाथ में सलाइन (ड्रिप) की बोतल लेकर कार्यस्थल (आंगनबाड़ी केंद्र) पर पहुंचना पड़ा। यह घटना मनिहारी थाना क्षेत्र के नारायणपुर पंचायत की है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सेविका प्रेमलता हेंब्रम की तबीयत खराब थी और वह सलाइन पर थीं।
बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) जब निरीक्षण के लिए पहुंचीं, तो सेविका को अनुपस्थित पाया। कथित तौर पर, अधिकारी ने उनकी बीमारी पर विश्वास नहीं किया और उन्हें केंद्र पर हाजिर होने का आदेश दिया।
विवशता: नौकरी जाने के डर से, बीमार सेविका को पति के सहारे हाथ में सलाइन की बोतल लटकाकर केंद्र पर आना पड़ा।
वीडियो वायरल: वीडियो में सेविका को पति के सहारे, कांपते कदमों से खड़ा देखा जा सकता है, जो सिस्टम की संवेदनहीनता को उजागर करता है।
