पप्पू यादव नेपाल त्रासदी में अनाथ बच्चों को लेंगे गोद: 50 हजार की FD करेंगे; आरक्षण पर बोले- संविधान से बड़ा कोई नहीं
संवाददाता मनोज कुमार कटिहार बिहार
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव दिल्ली जाने के क्रम में कटिहार पहुंचे, जहां समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान सांसद ने नेपाल की बाढ़ त्रासदी, आरक्षण विवाद और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की टिप्पणी समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ को लेकर पप्पू यादव ने कहा कि वह वहां अनाथ हुए बच्चों से मिलने जाएंगे और हरसंभव मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों के माता-पिता की इस त्रासदी में मौत हुई है, उन्होंने ऐसे बच्चों को गोद लेने का फैसला किया है। उनके नाम पर 50 हजार रुपए की फिक्स्ड डिपॉजिट कराने की बात भी कही।
सांसद ने दावा किया कि बाढ़ त्रासदी के दिन ही उन्होंने नेपाल सरकार को 10 लाख रुपए की मदद भेजी थी। उन्होंने कहा कि दुनिया में जहां भी इंसानियत को बचाने की जरूरत होगी, वह वहां मदद के लिए खड़े रहेंगे।
आरक्षण के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बीच सामने आए मतभेद पर पप्पू यादव ने कहा कि किसी व्यक्ति विशेष के कहने से संविधान और बाबा साहेब के विचारों को नहीं बदला जा सकता।
चिराग पासवान को बताया छोटा भाई
उन्होंने चिराग पासवान को छोटा भाई और जीतन राम मांझी को पिता समान बताते हुए कहा कि वह दोनों के बीच विवाद नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर, समाज और संविधान से बड़ा कोई नहीं होना चाहिए।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की न्यूयॉर्क में मुस्लिम समुदाय को लेकर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए पप्पू यादव ने कहा कि राजनीति में सत्ता का चरित्र एक जैसा होता है। उन्होंने भागवत का सम्मान करने की बात कहते हुए उनसे भाषा और नीयत को लेकर आत्ममंथन करने की अपील की।
उन्होंने जेएनयू को लेकर ‘बौद्धिक नक्सली’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाया और भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, पेरियार, सावित्रीबाई फुले, ज्योतिबा फुले, कबीर, बुद्ध और विवेकानंद जैसे महापुरुषों का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि क्या इन्हें भी इसी नजरिए से देखा जा सकता है।
