भारतीय शिक्षा प्रणाली को आधुनिक, लचीला और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना है- उमाशंकर पोद्दार
दिनांक 5 जून 2026 शुक्रवार को भारती शिक्षा समिति बिहार एवं शिशु शिक्षा प्रबंध समिति बिहार के तत्वावधान में आयोजित सैनिक स्कूल गणपतराय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर नरगाकोठी में चल रहे नवीन आचार्य प्रशिक्षण वर्ग एवं सेवा स्थायित्व प्रशिक्षण वर्ग के तेरहवें दिन का प्रारंभ वर्ग के प्रधानाचार्य सतीश कुमार सिंह, गयाजी के विभाग में निरीक्षक उमाशंकर पोद्दार एवं बांका के विभाग निरीक्षक ब्रह्मदेव प्रसाद ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
रिपोर्ट – अमरजीत कुमार तिवारी भागलपुर/ बिहार।
उमाशंकर पोद्दार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का मुख्य उद्देश्य भारतीय शिक्षा प्रणाली को आधुनिक, लचीला और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना है। इसके अंतर्गत 5+3+3+4 का शैक्षणिक ढांचा ,मातृभाषा में पढ़ाई, व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देना और उच्च शिक्षा में बहुविषयक दृष्टिकोण लागू करना है। शिक्षा का माध्यम मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा होगी। किसी भी छात्र पर कोई भाषा थोपी नहीं जाएगी और त्रिभाषा फार्मूला जारी रहेगा। एक राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र PARAKH बनाया गया है जो छात्रों के समग्र विकास का मूल्यांकन करेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की नींव पाँच आधारभूत स्तंभों – सर्वसुलभ ,समानता,गुणवत्ता,वहनीयता और जवाबदेही पर रखी गई है। उन्होंने विद्यालय सामाजिक चेतना का केंद्र कैसे बनेगा विस्तार पूर्वक बताया।
जिला निरीक्षक एवं सेवा कार्य प्रमुख गंगा चौधरी ने कहा कि विद्या भारती वंचितों को सशक्त बनाने, ग्रामीण व वनवासी क्षेत्र के विकास और भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर सरस्वती संस्कार केंद्र, एकल विद्यालय ,वनवासी व जनजाति शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और स्वावलंबन केंद्र जैसी विभिन्न सेवा कार्य संचालित करती है।
प्रशिक्षणार्थी आचार्य /आचार्या जिस कक्षा में रह रहे हैं उस कक्षा का कक्षा सज्जा प्रतियोगिता आज कराया गया।
अतिथि परिचय बांका के विभाग निरीक्षक ब्रह्मदेव प्रसाद द्वारा कराया गया।
इस अवसर पर धरणीकांत पांडेय,लाल बाबू प्रसाद, डॉ रमेश मणि पाठक, वीरेंद्र कुमार ,परमेश्वर कुमार ,जयंत चौधरी, छठ्ठू साह,मनमोहन ठाकुर, साकेत कुमार, शंभू कुमार, शशि भूषण मिश्र,रिचा कुमारी, सुप्रिया कुमारी ,वंदना पांडेय एवं सभी प्रशिक्षणार्थी आचार्य उपस्थित थे।
मीडिया प्रभारी
शशि भूषण मिश्र।