PFI और हथियार तस्करी से जुड़ा था कटिहार का नाम, अब ‘गजवा-ए-हिंद’ मामले में हुई गिरफ्तारी
संवाददाता मनोज कुमार कटिहार/बिहार
कटिहार का नाम पहले भी टेरर फंडिंग, प्रतिबंधित संगठनों और अवैध हथियार तस्करी से जुड़ा रहा है। हाल ही में दिल्ली पुलिस द्वारा आतंकी गतिविधियों की तैयारी के आरोप में गिरफ्तार चार युवकों में कटिहार के मो. सोहैल का नाम सामने आने के बाद जिला फिर चर्चा में है।
कटिहार का नाम पहले भी टेरर फंडिंग, प्रतिबंधित संगठनों की गतिविधियों और अवैध हथियार तस्करी के मामलों में सामने आता रहा है।
हाल के वर्षों में एनआईए (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) की कई कार्रवाई का केंद्र जिले के सेमापुर थाना क्षेत्र के सुखासन और हसनगंज थाना क्षेत्र के युसूफ टोला जैसे इलाके रहे हैं।
अब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में आतंकी गतिविधियों की तैयारी के आरोप में गिरफ्तार चार युवकों में कटिहार के मो. सोहैल का नाम सामने आने के बाद जिले में एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं।
कटिहार में इससे पहले भी कई बार सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई हो चुकी है। मार्च 2023 में शहर के शहीद चौक पर नगर थाना पुलिस ने संदेहास्पद स्थिति में एक कश्मीरी युवक नासिर यूसुफ वजा को पकड़ा था।
पूछताछ में उसने पहले खुद को फिनलैंड का नागरिक बताया, लेकिन बाद में वह जम्मू-कश्मीर के बड़गाम का निवासी निकला। इसके बाद इंटेलिजेंस और सीआईडी ने उससे पूछताछ की थी और उसे जेल भेज दिया गया था।
अगस्त 2023 में फुलवारीशरीफ टेरर माड्यूल से जुड़े होने के संदेह में एनआईए ने कटिहार के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मुंगरा गांव और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की थी।
इस दौरान पूछताछ के लिए एक युवक को हिरासत में लिया गया था। मई 2023 के आसपास प्रतिबंधित संगठन पोपुलर फ्रंट और इंडिया से जुड़े मामले में भी एनआईए ने हसनगंज थाना क्षेत्र में छापेमारी की थी।
सितंबर 2025 में एनआईए ने सेमापुर थाना क्षेत्र के सुखासन और दुर्गापुर में आतंकी साजिश से जुड़े मामले में छापेमारी की थी। इस दौरान एक को हिरासत में लिया गया था, जबकि अन्य कई ठिकानों की तलाशी ली गई थी।
इसके अलावा दिसंबर 2025 में अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क को तोड़ने के लिए एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की थी, जिसमें कटिहार भी प्रभावित जिलों में शामिल था। हाल के वर्षों में जिले में लगातार हो रही ऐसी कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि कटिहार सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर बना हुआ है।
