कटिहार : गोबराही दियारा की बदहाली पर बाल कल्याण समिति सख्त, DM को लिखेगी पत्र!
संवाददाता मनोज कुमार कटिहार/बिहार
आपको याद होगा, पिछले दिनों कुर्सेला के गोबराही दियारा में एक नाबालिग जोड़े की जबरन शादी और बालक का सिर मुड़वाने का वीडियो वायरल हुआ था। इस मामले में संज्ञान लेते हुए बाल कल्याण समिति (CWC) ने बच्चों को सुरक्षित बालगृह पहुंचा दिया था। अब बच्चों को वापस उनके परिवार में बसाने (पुनर्वासन) के हालात जानने के लिए समिति की टीम गंगा नदी पार कर इस दुर्गम गांव पहुंची।
गंगा पार 7 किलोमीटर पैदल चलकर जब टीम वहां पहुंची, तो गांव की बदहाली देखकर हैरान रह गई। विकास के दावों से कोसों दूर इस गांव की हकीकत कुछ यूं है:
शिक्षा: गांव में सिर्फ 5वीं तक का एक स्कूल है। अगला स्कूल 8 किमी दूर है, इसलिए ज़्यादातर बच्चों की पढ़ाई 5वीं के बाद ही छूट जाती है।
स्वास्थ्य: गांव में कोई डॉक्टर, आशा या आंगनबाड़ी नहीं है। लोग झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे हैं। सही समय पर इलाज न मिलने से कई गर्भवती महिलाओं की जान तक जा चुकी है।
बुनियादी सुविधाएं: 400 घरों और 2000 की आबादी वाले इस गांव में एक भी शौचालय नहीं है! 2 साल से सोलर लाइटें खराब हैं और नल-जल योजना के मीनार सिर्फ शोपीस बने हैं।
समिति के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में गई टीम ने स्पष्ट किया है कि ऐसे हालात में बच्चों का सुरक्षित और स्वस्थ विकास संभव नहीं है।
समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि गोबराही दियारा में स्कूल को अपग्रेड करने, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी, बिजली और शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की तत्काल बहाली के लिए कटिहार के जिलाधिकारी (DM) को पत्र लिखा जाएगा।
