डीएम नवीन कुमार ने स्टार्टअप सेल का किया निरीक्षण; युवा उद्यमियों ने पेश किए इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स, प्रगति की हुई समीक्षा
जिले में नवाचार, स्वरोजगार और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी, किशनगंज श्री नवीन कुमार ने स्टार्टअप सेल का विस्तृत दौरा कर विभिन्न गतिविधियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान आयोजित विशेष सत्र में स्थानीय युवाओं और छात्र उद्यमियों ने अपने-अपने अभिनव बिजनेस आइडियाज डीएम के समक्ष पेश किए। वहीं, जिन उद्यमियों को पूर्व में बिहार स्टार्टअप नीति के तहत सीड फंड मिल चुका है, उनके प्रोजेक्ट्स की वर्तमान प्रगति, प्रोटोटाइप विकास और जमीनी क्रियान्वयन की डीएम ने समीक्षा की।
सत्र के दौरान छात्रों एवं स्थानीय इनोवेटर्स ने तकनीक, कृषि, सेवा और निर्माण क्षेत्र से जुड़े नए प्रोजेक्ट्स की विस्तृत जानकारी दी। डीएम ने सभी प्रोजेक्ट्स की बारीकियों को समझा और उत्पादों की बाजार उपयोगिता, स्केलेबिलिटी व वित्तीय प्रबंधन को लेकर जरूरी मार्गदर्शन दिया। इसके साथ ही फंड प्राप्त कर चुके स्टार्टअप्स द्वारा तैयार किए गए उत्पादों के उत्पादन स्तर, बाजार में उनकी मांग तथा भविष्य की कार्ययोजना का मूल्यांकन किया गया।
इस अवसर पर स्टार्टअप सेल, जिला उद्योग केंद्र तथा जी.ई.सी किशनगंज की ओर से प्रो. (डॉ.) भगवान श्री राम (प्राचार्य), सचिन कुमार (महाप्रबंधक), प्रो. देवानंद पटेल (फैकल्टी इंचार्ज), मो. माहिन रज़ा (जिला समन्वयक), प्रो. विकास कुमार (कुलसचिव), प्रो. संदीप अग्रवाल (प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी), प्रो. विकाश चंद दिनकर (परीक्षा नियंत्रक), धनंजय कुमार (परियोजना प्रबंधक), सुजीत कुमार कामत (उद्योग विस्तार अधिकारी) प्रमुख रूप से सक्रिय रहे। वहीं छात्र प्रतिनिधियों में निक्की कुमारी, रिशू कुमारी, दीप राज और रौशन राज ने कार्यक्रम के संचालन और समन्वय में सक्रिय भूमिका निभाई।
बिहार स्टार्टअप नीति (Startup Bihar) के तहत मिलने वाले मुख्य लाभ:
० ब्याज मुक्त सीड फंड: चयनित स्टार्टअप्स को व्यवसाय विस्तार के लिए 10 वर्षों की अवधि हेतु ₹25 लाख तक का ब्याज मुक्त (0% Interest Loan) सीड फंड प्रदान किया जाता है।
० महिला व आरक्षित वर्ग को अतिरिक्त प्रोत्साहन: महिला उद्यमियों को 5% अतिरिक्त तथा एससी/एसटी व दिव्यांग उद्यमियों को 15% अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन का प्रावधान है।
० एक्सीलरेशन व स्किलिंग ग्रांट: उत्पाद सुधार (Product Improvement) और उन्नत कौशल विकास से जुड़े एक्सीलरेशन प्रोग्राम के लिए ₹3 लाख तक का सरकारी अनुदान (Grant) दिया जाता है।
० एंजेल इन्वेस्टमेंट मैचिंग लोन: सेबी (SEBI) पंजीकृत एंजेल निवेशकों से फंडिंग प्राप्त करने वाले स्टार्टअप्स को सरकार द्वारा ₹50 लाख तक का 100% मैचिंग लोन बिना इक्विटी डायल्यूशन के उपलब्ध कराया जाता है।
० मुफ्त को-वर्किंग स्पेस व पेटेंट सहायता: इनक्यूबेशन सेंटरों में निःशुल्क कार्यस्थल, तकनीकी मार्गदर्शन और पेटेंट फाइलिंग पर शत-प्रतिशत वित्तीय सहायता की व्यवस्था है।
० सरकारी टेंडरों में प्राथमिकता: राज्य सरकार की खरीद प्रक्रियाओं व टेंडरों में स्थानीय स्टार्टअप्स को बयाना राशि (EMD) में छूट और विशेष प्राथमिकता दी जाती है।
जिला प्रशासन ने जिले के सभी युवाओं और तकनीकी छात्रों से अपील की है कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने अभिनव विचारों को धरातल पर उतारें और रोजगार सृजन में भागीदार बनें।
