डेस्क/बिहार
लोकेशन/भागलपुर
रिपोर्ट/अमित कुमार 9798944840
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिखाएगा जोहर भागलपुर का प्रिंस, झालमुरी बेचने वाले का बेटा करेगा देश का नाम रोशन!
आर्थिक तंगी भी नहीं रोक पाई हौसलों की उड़ान, किलकारी बिहार बाल भवन के प्रिंस कुमार का भारतीय पेनकैक सिलाट टीम में चयन
भागलपुर। प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती और अगर हौसलों में उड़ान हो, तो आर्थिक तंगी भी रास्ता नहीं रोक सकती। इसकी मिसाल भागलपुर के प्रिंस कुमार ने पेश की है। झालमुरी बेचकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले पिता के बेटे प्रिंस ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मुकाम हासिल किया है। बिहार बाल भवन किलकारी, भागलपुर में कई वर्षों से प्रशिक्षण ले रहे प्रिंस कुमार का चयन भारतीय पेनकैक सिलाट टीम में हुआ है। अब वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने खेल का जौहर दिखाकर बिहार और भागलपुर का नाम रोशन करने की तैयारी में हैं।
प्रिंस की इस उपलब्धि को लेकर किलकारी बिहार बाल भवन के कंपनीबाग परिसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान कराटे प्रशिक्षक एवं किलकारी से जुड़े पदाधिकारियों ने प्रिंस की सफलता की जानकारी साझा की। उनकी उपलब्धि से संस्थान में खुशी का माहौल है। प्रिंस की सफलता उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।
प्रशिक्षक कुंदन कुमार ने बताया कि प्रिंस बेहद मेधावी और मेहनती खिलाड़ी हैं। उन्होंने अपनी प्रतिभा और लगातार अभ्यास के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। हालांकि, प्रिंस के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। ऐसे में उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भेजना एक बड़ी चुनौती है।प्रशिक्षक ने कहा कि शहर के गणमान्य लोगों और समाजसेवियों से सहयोग एवं चंदा जुटाकर प्रिंस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए भेजने का प्रयास किया जाएगा। उन्हें पूरा विश्वास है कि प्रिंस देश और भागलपुर का नाम रोशन करेंगे।
वहीं, प्रिंस के पिता ने भावुक होकर बताया कि वह झालमुरी बेचकर अपने परिवार का जीवनयापन करते हैं। सीमित आमदनी के बावजूद उन्होंने अपने बेटे के सपनों को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किया है। उन्हें उम्मीद है कि उनका बेटा आगे भी बेहतर प्रदर्शन करेगा और परिवार के साथ-साथ पूरे देश का गौरव बढ़ाएगा।
किलकारी के पदाधिकारी साहिल राज ने भी प्रिंस के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रिंस आने वाले समय में और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
अब जरूरत है प्रिंस के हौसलों को आर्थिक सहयोग देने की, ताकि झलमुरी बेचकर परिवार चलाने वाले पिता का बेटा अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का तिरंगा लहरा सके। प्रिंस की यह उपलब्धि साबित करती है कि प्रतिभा को सही अवसर और सहयोग मिले, तो वह दुनिया के सामने अपनी पहचान बना सकती है।
बाइट… प्रिंस कुमार, खिलाडी
बाइट… कुंदन कुमार, प्रशिक्षक
बाइट… दीपक मंडल, प्रिंस का पिता।
