पशु चिकित्सालय पचपेड़ी बना तालाब, जर्जर भवन में संचालित हो रहा अस्पताल; हादसे की आशंका

पशु चिकित्सालय पचपेड़ी बना तालाब, जर्जर भवन में संचालित हो रहा अस्पताल; हादसे की आशंका

पचपेड़ी, जिला बिलासपुर (छत्तीसगढ़)। पचपेड़ी क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते शासकीय पशु चिकित्सालय पचपेड़ी की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। भारी बारिश का पानी पशु चिकित्सालय परिसर के साथ-साथ चिकित्सालय भवन के अंदर तक घुस गया है, जिससे पूरा परिसर तालाब में तब्दील हो गया है। पानी भरने के कारण चिकित्सकीय कार्य प्रभावित हो रहा है तथा पशुपालकों और पशुओं को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सबसे गंभीर बात यह है कि पशु चिकित्सालय पचपेड़ी वर्तमान में जर्जर एवं पुराने पशु औषधालय भवन में संचालित हो रहा है। भवन की हालत लंबे समय से खराब है और बारिश के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। भवन की छत, दीवारों तथा परिसर की स्थिति को देखते हुए कभी भी अप्रिय दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।

बारिश का पानी चिकित्सालय के अंदर प्रवेश करने से चिकित्सकीय उपकरण, दवाइयां, जरूरी दस्तावेज एवं अन्य सामग्री भी प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। वहीं पशुओं का उपचार कराने के लिए आने वाले ग्रामीणों को पानी और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। यदि समय रहते समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पशु चिकित्सालय पचपेड़ी क्षेत्र के पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है। पचपेड़ी सहित आसपास के अनेक गांवों के पशुपालक अपने पशुओं के उपचार, टीकाकरण एवं अन्य पशु चिकित्सा सेवाओं के लिए इसी चिकित्सालय पर निर्भर हैं। ऐसे महत्वपूर्ण शासकीय संस्थान का जर्जर भवन में संचालन होना शासन एवं विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि पशु चिकित्सालय पचपेड़ी के लिए नवीन एवं सर्वसुविधायुक्त भवन का निर्माण शीघ्र कराया जाए। साथ ही वर्तमान भवन की तत्काल तकनीकी जांच कराकर यह सुनिश्चित किया जाए कि जब तक नया भवन नहीं बनता, तब तक चिकित्सालय को सुरक्षित स्थान पर संचालित किया जा सके।

ग्रामीणों ने कहा कि हर वर्ष बारिश के दौरान चिकित्सालय परिसर में जलभराव की समस्या सामने आती है, लेकिन इसके स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। केवल अस्थायी व्यवस्था से समस्या का समाधान संभव नहीं है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था, परिसर का ऊंचाईकरण तथा सुरक्षित एवं मजबूत भवन का निर्माण ही इसका स्थायी समाधान है।

शासन एवं पशु चिकित्सा विभाग से मांग है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मौके का निरीक्षण कराया जाए। जर्जर भवन की स्थिति का परीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की जाए तथा नवीन पशु चिकित्सालय भवन के निर्माण के लिए शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए।

यदि समय रहते शासन एवं संबंधित पशु चिकित्सा विभाग द्वारा इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में जान-माल की बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता। किसी भी अप्रिय घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय शासन को अभी से सतर्क होकर आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

पशुपालकों एवं क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, पशुधन विकास विभाग तथा संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि पशु चिकित्सालय पचपेड़ी का तत्काल निरीक्षण कराकर जलभराव की समस्या दूर की जाए और नवीन भवन निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए, ताकि पशुपालकों को बेहतर पशु चिकित्सा सुविधा मिल सके और किसी संभावित दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके।

संवाददाता -महेंद्र सिंह राय

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