फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में जिले का सघन अभियान : 7090 बच्चों की जाँच में 22 संक्रमित मिले, विद्यालयों में जारी है टीएएस-1 सर्वेक्षण
*बच्चों की वैज्ञानिक जाँच से सामने आ रही संक्रमण की वास्तविक स्थिति,*
*स्वास्थ्य विभाग ने तेज की निगरानी*
किशनगंज
फाइलेरिया जैसी गंभीर मच्छरजनित बीमारी के उन्मूलन को लेकर किशनगंज जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा टीएएस-1 (ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वेक्षण-1) अभियान लगातार व्यापक रूप लेता जा रहा है। वर्षों से संचालित सामूहिक दवा सेवन अभियान के बाद अब जिले में विद्यालय आधारित वैज्ञानिक सर्वेक्षण के माध्यम से यह आकलन किया जा रहा है कि समुदाय में फाइलेरिया संक्रमण की स्थिति क्या है तथा बीमारी के प्रसार की श्रृंखला किस हद तक नियंत्रित हुई है।फाइलेरिया एक परजीवी जनित रोग है, जो संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलता है। इस रोग के कारण शरीर के विभिन्न अंगों में असामान्य सूजन उत्पन्न हो जाती है, जिससे व्यक्ति को जीवनभर शारीरिक एवं सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। टीएएस-1 सर्वेक्षण के अंतर्गत विशेष रूप से कक्षा 1 एवं 2 के बच्चों की जाँच की जा रही है, क्योंकि यह आयु वर्ग हालिया संक्रमण की वास्तविक स्थिति का संकेतक माना जाता है।
7090 बच्चों की हुई जाँच, 22 में संक्रमण की पुष्टि
जिले में ठाकुरगंज प्रखंड को छोड़कर जिले के विभिन्न प्रखंडों में संचालित टीएएस-1 अभियान के अंतर्गत अब तक कुल 7090 बच्चों की जाँच की जा चुकी है। जाँच के दौरान 22 बच्चों में फाइलेरिया संक्रमण की पुष्टि हुई है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा चयनित सरकारी एवं निजी विद्यालयों में प्रशिक्षित स्वास्थ्य टीमों के माध्यम से लगातार जाँच अभियान चलाया जा रहा है। विद्यालयों में बच्चों के नमूने लेकर वैज्ञानिक पद्धति से परीक्षण किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप सर्वेक्षण कार्य निरंतर जारी है तथा सभी टीमों की नियमित निगरानी की जा रही है।
विद्यालयों में पहुँचकर अधिकारी कर रहे अभियान की निगरानी
टीएएस-1 अभियान की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लगातार विद्यालयों का निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण कर रहे हैं। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. मंजर आलम तथा अन्य अधिकारियों द्वारा विभिन्न विद्यालयों में पहुँचकर जाँच प्रक्रिया, नमूना संग्रहण एवं अभिलेख संधारण की समीक्षा की जा रही है।अधिकारियों ने स्वास्थ्य टीमों को निर्देश दिया है कि सर्वेक्षण कार्य पूरीपारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ संपन्न किया जाए, ताकि संक्रमण की वास्तविक स्थिति का सही आकलन किया जा सके।
“फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सामूहिक सहयोग आवश्यक” : जिला पदाधिकारी विशाल राज
जिला पदाधिकारी विशाल राज ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन एक महत्वपूर्ण जनस्वास्थ्य अभियान है, जिसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमों को पूर्ण सहयोग प्रदान करें।
उन्होंने कहा कि टीएएस-1 सर्वेक्षण के माध्यम से जिले में संक्रमण की वास्तविक स्थिति का वैज्ञानिक आकलन किया जा रहा है, जिससे भविष्य की रणनीति तय करने में सहायता मिलेगी। जिला पदाधिकारी ने स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग को समन्वय के साथ अभियान को सफल बनाने का निर्देश दिया।
“समय पर पहचान से संक्रमण नियंत्रण में मिलती है सहायता”
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि फाइलेरिया संक्रमण की प्रारंभिक अवस्था में पहचान अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने बताया कि विद्यालय आधारित सर्वेक्षण के माध्यम से बच्चों में संक्रमण की स्थिति का पता लगाया जा रहा है, ताकि आवश्यकतानुसार आगे की चिकित्सीय कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि बच्चों की जाँच पूरी तरह सुरक्षित एवं वैज्ञानिक प्रक्रिया है। उन्होंने अभिभावकों से किसी प्रकार की भ्रांति में न आने तथा अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की।
“टीएएस अभियान भविष्य की पीढ़ी को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. मंजर आलम ने कहा कि टीएएस-1 फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का अत्यंत महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने बताया कि विद्यालय आधारित सर्वेक्षण के माध्यम से कम समय में बड़ी संख्या में बच्चों की वैज्ञानिक जाँच संभव हो रही है।उन्होंने कहा कि सभी टीमों को आवश्यक प्रशिक्षण एवं दिशा-निर्देश प्रदान किए गए हैं तथा अभियान की सतत निगरानी की जा रही है। डॉ. आलम ने कहा कि सामूहिक प्रयासों एवं जनसहयोग से ही जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सकता है।
